चिड़ियाघर की सैर


मेरी गर्मी की छुट्टियाँ चल रही थी तब मैंने अपने पिताजी के सामने चिड़ियाघर चलने का प्रस्ताव रखा | मेरा यह प्रस्ताव सबको पसंद आया | मौसम बहुत सुहावना था | मैं और मेरा परिवार चिड़ियाघर की सैर पर निकले | चिड़ियाघर के बाहर अनेक व्यक्ति टिकट खरीद रहे थे | हमने भी पहले टिकट खरीदा |  

सर्व प्रथम हमने एक सुंदर झील देखी | इसमें अनेक प्रकार के जीव जैसे बत्तख , बगुले , सारस और चिड़ियाँ जल का आनंद ले रहे थे |आगे बढ़ने पर हमे बहुत सारे रंग- बिरंगे पक्षी दिखाए दिए जो सबका मन लुभा रहे थे | हमने वहाँ मोर को भी देखा | उसके बाद हम जंगली जानवरों को देखने दूसरी और मुड़ गए | हमने वहाँ चीता , बाघ , शेर, काले बुरे और सफेद रंग के भालू , तेंदुआ आदि जानवरों को देखा जो लोहे के पिजरों में कैद थे | एक अन्य अहाते में हमने घोड़े, गधे, खच्चर, ऊँट, हिरण, भेड़, जेब्रा, हाथी और अन्य जंगली जानवर देखे।

आगे चलकर हमे एक तालाब दिखाई दिया जिसमें बहुत सारे मगरमच्छ ,घड़ियाल गहरी नींद में थे | उसके बाद हमे बहुत सारे बन्दर दिखाई दिए जो उछल - कूद कर रहे थे | 

मेरा चिड़ियाघर देखना बहुत ज्ञानवर्धक रहा | मुझे अनेक पशु-पक्षियों के विषय में ज्ञान हो गया, साथ ही सैर करके बहुत आनंद भी आया | मैंने वहाँ खूब उछल-कूद और मौजमस्ती की | यह चिड़ियाघर की सैर मुझे सदैव स्मरण रहेगी |

  

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