संस्कृत सूक्तियां हिंदी अर्थ सहित


संस्कृत सूक्तियां हिंदी अर्थ सहित

वसुधैव कुटुंबकम
 
अर्थ  :- संपूर्ण पृथ्वी ही हमारा परिवार है प्रत्येक भारतीय के मन में यही भावना है आर्य संस्कृति वैदिक संस्कृति ही है वही प्राचीनतम संस्कृति है इस संस्कृति ने विश्व को ज्ञान दिया है विश्व की अनेक संस्कृतियों इसी से उपजी है यहां के ऋषि-मुनियों से ही मानव जाति का विकास हुआ है अतः इस संपूर्ण पृथ्वी पर फैली मानव जाति को प्रेरित करने वाली वसुंधरा भारत भूमि ही रही है |

विद्या ददाति विनयम
 
अर्थ  :- प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करना अति आवश्यक है क्योंकि शिक्षा हमें विनम्रता प्रदान करती है विनम्र व्यक्ति में कभी भी अहंकार उत्पन्न नहीं होता इसलिए व्यक्ति को शिक्षा प्राप्त करना चाहिए |

सर्वे भवन्तु सुखिन:

अर्थ  :-  संसार में प्रत्येक प्राणी सुखी और संपन्न हो कभी भी किसी को भी किसी भी प्रकार का कोई कष्ट ना हो सभी सुखी रहे |

सत्यमेव जयते

अर्थ  :-  सत्य की हमेशा विजय होती है सत्य बोलने वाला व्यक्ति कभी भी हारता नहीं है उसकी जीत निश्चित है |

Sanskrit Grammar

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